प्री डायबिटीज – जानें लक्षण, कारण और आयुर्वेदिक उपचार

प्री डायबिटीज को जानने से पहले आइये आपको सबसे पहले नार्मल डायबिटीज के बारे में बता दें ताकि आप सरल तरीके से प्री डायबिटीज को समझ सकें। अगर रक्त में खाली पेट शुगर की मात्रा 100 तथा भोजन करने के बाद रक्त में शुगर की मात्रा 140 तक हो तो यह नॉर्मल स्थिति होती है। लेकिन यदि रक्त में शुगर की मात्रा खाली पेट 110 तथा भोजन के बाद रक्त में यह मात्रा 140 से ऊपर आती है तो इस स्थिति को प्री डायबिटिक स्थिति कहा जाता है। इसका मतलब यह होता है की अभी आप डायबिटीज की समस्या से ग्रस्त नहीं हैं लेकिन आने वाले 5 वर्ष में आपको डायबिटीज होने की संभावना काफी ज्यादा है। ऐसी स्थिति में खानपान तथा व्यायाम को लेकर काफी सचेत रहने की आवश्यकता होती है। प्री-डायबिटीज की स्थिति में ह्रदय रोग होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती है। आइये अब आपको बताते हैं प्री-डायबिटीज होने के कारणों के बारे में ताकि आप इसके बारे में प्रारंभ में ही सचेत हो जाएं तथा इस गंभीर समस्या से बच सकें।

 

प्री-डायबिटीज होने के कारण –

1 – व्यायाम न करना।

2 – श्रम न करना।

3 – शुगर का अधिक मात्रा में उपयोग करना।  कम होना

4 – अनियमित जीवन शैली।

5 – धूम्रपान तथा शराब का सेवन करना।

प्री-डायबिटीज होने के लक्षण –

1 – स्किन पर धब्बे – जिन लोगों को प्री-डायबिटीज की समस्या होती है उनकी स्किन पर गहरे काले धब्बे बन जाते हैं।

2 – पूरी नींद न ले पाना – ऐसे लोगों की नींद बीच बीच में खुलती रहती है और ये लोग पूरी नींद नहीं ले पाते हैं।

3 – डायबिटीज जैसे लक्षण पाए जाना – ऐसे लोगों में डायबिटीज के रोगियों के लक्षण जैसे जल्दी जल्दी पेशाब जाना या बार बार प्यास लगना आदि पाए जाते हैं।

4 – स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं – हाई-कोलेस्ट्रॉल, ह्रदय की समस्या, मोटापा आदि भी प्री-डायबिटीज होने का कारण हो सकता है।

5 – आनुवंशिक कारण – इन कारणों से भी आप प्री-डायबिटीज हो सकते हैं।

 

प्री-डायबिटीज समस्या का आयुर्वेदिक समाधान –

 

प्री-डायबिटीज की समस्या में आयुर्वेदिक उपचार बहुत ज्यादा कारगर पाया गया है। अतः यदि प्री-डायबिटीज के लक्षण प्रकट होने लगें तो उपचार भी जल्दी ही प्रारंभ कर देना चाहिए। प्री-डायबिटीज को नियंत्रित काटने में डाईबिएंट शुगर केयर टेबलेट बहुत ज्यादा लाभकारी है। यह एक आयुर्वेदिक औषधी है और प्राकृतिक जड़ी बूटियों से निर्मित की गई है। यह टेबलेट मूत्र शर्करा तथा रक्त शर्करा को नियंत्रित रखती है। प्री-डायबिटीज के रोगी में आयी पौरुष तथा शारीरिक कमजोरी को भी यह टेबलेट दूर करने में सहायक है। प्री-डायबिटीज रोगी की आंखों पर ज्यादा दुष्प्रभाव होता है। डाईबिएंट शुगर केयर टेबलेट इन दुष्प्रभावों को कम करने में बहुत प्रभावशाली है। यह हाथ पैरो की अकड़न को दूर कर ह्रदय को मजबूत बनाती है तथा शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाती है।

 

डाईबिएंट शुगर केयर टेबलेट  की विधि –

प्री-डायबिटीज की अवस्था में डाईबिएंट शुगर केयर की एक एक टेबलेट सुबह शाम भोजन से पहले गुनगुने पानी से लें।

फादर्स डे पर माता-पिता को दें डाईबिएंट का उपहार –

हमारे देश में वर्तमान समय में लाखों लोग प्री-डायबिटीज की अवस्था में हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे लोगों की है जिनके बच्चे युवा अवस्था में कदम रख चुके हैं। इस दौर में प्री-डायबिटीज की समस्या अब आम होती जा रही है। अतः हमारे युवा जिनके माता पिता प्री-डायबिटीज अवस्था में हैं। वह अपने माता पिता को फादर्स डे पर डाईबिएंट टेबलेट पैक का उपहार दे कर उनके जीवन को सुरक्षित कर सकते हैं।

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